दशहरा पर्व
से जुड़े पौराणिक एवं रोचक तथ्य
दशहरा पर्व पर
अयोध्या में रामलीलाओं
का परम्परागत मंचन होता है और पूरी भारत में रामलीला का आयोजन किया जाता है
रामचन्द्र ने रावण पर विजय
प्राप्ति के उपरांत विजयादशमी मनाया मनाया जाता है
दशहरा की पूजा
अभिजीत, विजयी या अपराह्न काल में की जाती है।
पूर्व दिशा और इशान कोण को पूजा के लिए सबसे शुभ माना गया है।
संकल्प करते हुए
मां देवी
से परिवार की सुख और समृद्धि की कामना करें।
अब अपराजिताय नम मंत्र के साथ मां देवी की प्रतिमा विराजमान कर उनका आह्वान करें।
देवी की पूजा के बाद
भगवान श्रीराम और हनुमानजी
की पूजा भी करें।
दशहरा के दिन देशभर में
रावण के पुतले
बनाकर जगह जगह जलाए जाते है
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